Skip to main content

Posts

योग के लाभ: एक संक्षिप्त विश्लेषण Benefits of Yoga: A brief Analysis

दोस्तों, योग से लाभ होता है।ये बात आज सब मानते हैं।किस तरह के लाभ होते हैं, आप सुनते भी होंगे। जैसे? योग प्राणऊर्जा को बढ़ाता है।वात, पित्त, कफ त्रिदोषों को संतुलित करता है।सुषुम्ना के चक्रों को balance करता है।नाड़ियों के अवरोध दूर करके उनकी कार्यशक्ति बढ़ाता है।.....आदि। अब एक प्रश्न का उत्तर दीजिये- क्या आपको ऊपर लिखे लाभ समझ में आ रहे हैं? अगर आपको त्रिदोष, सुषुम्ना, नाड़ी चक्र आदि बातें समझ में नहीं आतीं तो ये बिल्कुल स्वाभाविक है। क्यों? क्योंकि ये योग के ग्रंथों में लिखी classical terms हैं।एक आम आदमी के लिए ये जटिल शब्द हैं क्योंकि उसने योग की किताब नहीं पढ़ी।योग के बारे में बताने के लिए अक्सर लोग इन जटिल शब्दों का use करते हैं और आम आदमी को लगता है- " ये तो मुश्किल चीज़ है"। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। आइये, आज हम एक आम आदमी के लिए योग के लाभों को बिल्कुल सरल भाषा में समझें। समझते हैं कि योग करने से हमारे शरीर को क्या क्या लाभ मिलते हैं। आइये शुरू करते हैं। योग का सबसे पहला फायदा क्या है? आपको पीठ सीधी करके बैठने की आदत पड़ेगी।योग की क्लास में ये चीज़ शुरू म...

योग के महापुरुष: महर्षि वशिष्ठ Yog ke Mahapurush: Maharishi Vashishth

दोस्तों, पिछले लेख में हमने चर्चा की थी महर्षि पतंजलि और अष्टावक्र के बारे में। आज हम इसे आगे बढ़ाते हुए कुछ और महापुरुषों के बारे में जानेंगे जिन्होंने योगविज्ञान में नए आयाम स्थापित किये और आम जनता को लाभान्वित किया। इन्होंने पूरे समाज को एक नई दिशा दी तथा शासकों ने भी इन्हें पूरा support दिया। आइये शुरू करते हैं। वशिष्ठ का नाम योग गुरुओं में बहुत ऊंचा है। वो भगवान राम के गुरु थे, एक महान ऋषि अर्थात महर्षि थे। वास्तव में रघुकुल राजवंश के गुरुओं की उपाधि वशिष्ठ हुआ करती थी। " रघुकुल क्या था?" " रघुकुल भारत के सर्वाधिक शक्तिशाली राजवंशों में एक था।इनकी राजधानी को अयोध्या कहा जाता था। "इनकी राजधानी का नाम अयोध्या क्यों पड़ा था"? क्योंकि उसे किसी प्रकार से भी जीता नहीं जा सकता था। अब आप अनुमान लगा सकते हैं- कि उस युग में वशिष्ठ की power क्या रही होगी! वशिष्ठ किसलिए प्रसिद्ध थे? अपनी योग साधना के लिए। योग का उनका व्यवहारिक ज्ञान उस समय में सबसे अधिक था।उनकी पत्नी अरुधंति भी गुणों में उनकी तरह थी। जनता में उनकी अथाह लोकप्रियता थी। एक चीज़ और थी। उन्होंने ...

योग के महापुरुष: पतंजलि और अष्टावक्र Yog ke mahapurush: Patanjali and Ashtavakr

दोस्तों, अपने पिछले लेख में हमने ये जाना था कि योग की उत्पत्ति पहले एक दर्शन या विचारधारा के तौर पर हुई थी। आइये आज हम जानेंगे कि ये महान दर्शन कैसे व्यवहारिक रूप से एक विज्ञान के तौर पर उभरा और कैसे इस क्षेत्र में आचार्यों एवं महापुरुषों के द्वारा इसे जनता में लोकप्रिय बनाया गया। आइये शुरू करें। इसको सर्वप्रथम महर्षि पतंजलि ने विज्ञान के तौर पर develop किया और पातंजल योगसूत्र नामक ग्रंथ लिखा। "इसमें क्या है"? "195 सूत्र हैं जिन्हें follow करके समाधि को प्राप्त कर सकते हैं" " समाधि क्या है"? "  जब व्यक्ति खुद को समझ ले तो वो condition समाधि है।इसमें व्यक्ति सर्वशक्तिमान बन जाता है" यहां एक रोचक चीज़ जानते हैं। पतंजलि कहते हैं कि बिना समाधि के हम अपने आप को नहीं जान सकते। "ऐसा कैसे?" "एक उदाहरण से समझते है।आप एक खाली कागज़ लीजिये।अब उसपर अपना परिचय या introduction लिखिए।बस एक शर्त है। आपके शरीर से संबंधित कोई data जैसे नाम, कद, वजन, देश,भाषा ,पद, बैंक बैलेंसआदि लिखना मना है।" " शरीर से संबंधित data क्यों लिखना म...

योग: भारत में उत्पत्ति एवं विकास Yoga:Origin and Development

दोस्तों, पिछले दो लेखों में हमने योग का एक संक्षिप्त परिचय एवं महत्व समझा था।हमने ये भी जाना कि ये बहुत सारे लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ है। आज हम समझेंगे योग से संबंधित कुछ general बातों को।जानने की कोशिश करेंगें कि योग  का ये विज्ञान भारत में develop कैसे हुआ। आइये, शुरू करते हैं। अधिकांश लोग ये मानते हैं कि तरह तरह के आसनों और प्राणायामों को करना ही योग है। उनकी ये धारणा बहुत स्वाभाविक है।क्यों? क्योंकि टीवी कार्यक्रमों एवं एवं अखबारों में योग के इसी पहलू को दिखाया जाता है। लेकिन ये पहलू सम्पूर्ण योग का एक बहुत छोटा हिस्सा है।ये ठीक उसी तरह है कि कोई भारत के बारे में जानना चाहे और उसे केवल दो- तीन राज्य दिखाकर छोड़ दिये जायें। "तो सच क्या है?" "सच ये है कि योगासन और प्राणायाम योग के केवल शारीरिक पहलू को represent करते हैं जिसे हठयोग भी कहा जाता है।अगर आप केवल इनको जानते हैं तो समझ लीजिए, आप योग को बीस प्रतिशत ही जानते हैं" आइये, आराम से और बिल्कुल सरल ढंग से समझें। आज से कई हजार साल पहले दुनिया आदिम युग में जी रही थी।लेकिन भारत तब बहुत developed था। ...

Famous personalities &Yoga:SomeThoughts

                 प्रसिद्ध लोग और योग: कुछ विचार Famous personalities &Yoga:SomeThoughts दोस्तों, योग के विषय में मेरे पिछले लेख को पसंद करने के लिए आप सब का धन्यवाद। योग आज सफल लोगों की जीवनशैली का एक हिस्सा है जिसकी लोकप्रियता दुनिया के हर कोने में है। आज मैं  5 लोगों के विचार आपलोगों तक पहुँचाऊँगा जो अपने अपने क्षेत्रों में शिखर पर हैं और योग को अपने जीवन का हिस्सा मानते हैं,साथ ही योग को promote भी करते हैं।पांचवें व्यक्ति के रूप में हमने महर्षि पतंजलि को चुना है जो प्राचीन काल में हुए थे और जिन्होंने योग को एक विज्ञान के रूप में स्थापित किया था।हम उनके विचारों को पढ़ने के साथ साथ एक संक्षिप्त विश्लेषण भी करते चलेंगे। आइये, शुरू करते हैं- 1. नरेंद्र मोदी-" योग खुद से जुड़ने का तरीका है और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए बिना खर्च वाली हेल्थ insurance है। यह हमें मानसिक शांति और सेहत देता है।जब हम मन लगाकर इसकी practice करनी शुरू करते हैं तो ये हमारे जीवन का हिस्सा बनकर हमें स्व से परिचित कराता है"। दोस्तों, ऊपर के चित्र...

योग: एक परिचय Yoga: An Introduction

मनोविज्ञान के एक शोधार्थी ने पूछा है- क्या योग से व्यक्तित्व अर्थात personality को बदला जा सकता है? ये एक बहुत बड़ा सवाल है। आजकल योग की हर तरफ धूम है।कई तरह की बातें हम योग गुरुओं से सुन रहे हैं। " योग भगाए रोग" "योग रखे नीरोग" " योग से बदलें जीवन" " योग में है सभी जीवन की सभी समस्याओं का हल" दोस्तों, इस तरह की बातें आपने अक्सर किसी न किसी योग गुरु के मुंह से सुनी होंगी या अखबारों में पढ़ी होंगी। आइये, इनपर विचार करते हैं। योग विशेषज्ञों, गुरुओं की राय लेते हैं।बिल्कुल सरल ढंग से इन चीजों को समझते हैं। दोस्तों,सबसे पहले एक चीज़ समझ लीजिए- एक योग विशेषज्ञ और एक योग गुरु में काफी difference होता है। "कैसे?" एक आदमी किसी यूनिवर्सिटी से योग में पढ़ाई करके डिग्री हासिल करता है।योग में बीए, एमए, पीएचडी करता है। किसी संस्थान से जुड़कर या स्वतंत्र ढंग से practice करता है। ऐसे आदमी को आप योग विशेषज्ञ कह सकते हैं। एक आदमी योग में बहुत रुचि रखता है। किसी आश्रम, किसी गुरु के पास रहकर योग सीखता है।एकदम साधु की तरह रहता...

राफेल:दुश्मनों को करेगा फेल

राफेल आजकल हर जगह चर्चा में है। जितने मुँह, उतनी तरह की बातें हो रही हैं।हमारे नेतागण तो इसपे तरह तरह के शोध करके मानों नोबेल प्राइज पाने की होड़ में लगे हैं। कल रात को news देख रहा था। rafale पर लोगों के रिएक्शन पूछे जा रहे थे-  न्यूज़ एंकर- क्या लगता है आपको, rafale के आने से क्या होगा? एक व्यक्ति-हमारे पायलटों को पाक में घुसने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। अपनी वायुसीमा में रहकर ही पाक विमानों को ढेर कर देंगे। दूसरा- राफेल आ जाये बस। फिर तो ये सब दुश्मनों को फेल कर देगा। तीसरा- rafale के आगे कोई दुश्मन नहीं टिक पायेगा।अकेला एक राफेल दुश्मन के पांच पांच विमानों पर भारी पड़ेगा। यहां बताता चलूं कि ये तीसरी टिप्पणी ऐसे व्यक्ति द्वारा कही गयी है जो बहुत अच्छे विशेषज्ञ माने जाते हैं। इच्छा तो नहीं थी कि इतने पॉपुलर टॉपिक पर कुछ लिखूं क्योंकि इसके बारे में तो सब जानते हैं।लेकिन फिर लगा कि जो हमलोग न्यूज़ में देख रहे हैं, वो काफी short में बताया जा रहा है।क्यों?क्योंकि न्यूज़ चैनलों पर अनेक बंदिशें होती हैं, उन्हें एक सीमित समय में ही सारी खबरें देनी होती हैं। अतः किसी भी टॉपिक का संतुल...