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Famous personalities &Yoga:SomeThoughts

                 प्रसिद्ध लोग और योग: कुछ विचार
Famous personalities &Yoga:SomeThoughts

दोस्तों, योग के विषय में मेरे पिछले लेख को पसंद करने के लिए आप सब का धन्यवाद।
योग आज सफल लोगों की जीवनशैली का एक हिस्सा है जिसकी लोकप्रियता दुनिया के हर कोने में है। आज मैं  5 लोगों के विचार आपलोगों तक पहुँचाऊँगा जो अपने अपने क्षेत्रों में शिखर पर हैं और योग को अपने जीवन का हिस्सा मानते हैं,साथ ही योग को promote भी करते हैं।पांचवें व्यक्ति के रूप में हमने महर्षि पतंजलि को चुना है जो प्राचीन काल में हुए थे और जिन्होंने योग को एक विज्ञान के रूप में स्थापित किया था।हम उनके विचारों को पढ़ने के साथ साथ एक संक्षिप्त विश्लेषण भी करते चलेंगे।
आइये, शुरू करते हैं-

1. नरेंद्र मोदी-" योग खुद से जुड़ने का तरीका है और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए बिना खर्च वाली हेल्थ insurance है। यह हमें मानसिक शांति और सेहत देता है।जब हम मन लगाकर इसकी practice करनी शुरू करते हैं तो ये हमारे जीवन का हिस्सा बनकर हमें स्व से परिचित कराता है"।
दोस्तों, ऊपर के चित्र में हम मोदी जी को प्राणायाम करते देख सकते हैं।यह हमारी सांसों को क्रमबद्ध करके हमारे पूरे शरीर में प्राणवायु को संतुलित करता है।नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को विश्व विरासत बताया।इनके प्रयास से हर साल 21 जून को दुनिया भर में योग दिवस मनाने की शुरूआत हुई।

2.बॉब हार्पर-" योग युवा बने रहने का एक स्त्रोत है। योग करने से आपकी spine लचीली बनती है ।ये जितनी ज्यादा flexible होगी, आप उतना ही युवा महसूस करेंगे।"
बॉब हार्पर अमेरिका के विख्यात पर्सनल ट्रेनर हैं जिनका मानना है कि हर व्यक्ति शक्ति का भंडार होता है।इन्होंने योग को आजकल की जरूरतों के हिसाब से ढालने के लिए अनेक specialised प्रोग्राम विकसित किये हैं।

3.डॉ देबाशीष मृधा-"योग हमें मन और शरीर के प्रति जागरूक बनाता है, हमारा self perception अर्थात आत्म छवि बेहतर बनाता है और इस तरह तनाव और अवसाद को neutralize करता है"।
डॉ देवाशीष अमेरिका के एक बहुत प्रसिद्ध न्यूरो फिजिशियन हैं जो सामाजिक कार्यों में भी काफी रुचि रखते हैं। उनकी बात में एक चीज़ पर ध्यान दीजिए-self perception अर्थात आत्म छवि।ये क्या होती है? सरल शब्दों में कहें तो जो कुछ आप अपने आप को समझते हैं, वही आपका सेल्फ परसेप्शन है।अनेक शोध इस बात को confirm करते हैं कि हठयोग, प्राणायाम आदि के द्वारा हमें मानसिक स्थिरता प्राप्त होकर सेल्फ परसेप्शन बेहतर होता है एवं तनाव, अवसाद दूर होते हैं।

4.डॉ अमित रे-"योग का अर्थ है addition अर्थात संयोग-ऊर्जा, शक्ति और सुंदरता का शरीर, मन और आत्मा के साथ जुड़ाव।"
डॉ अमित IIT के छात्र रहे हैं और artificial intelligence अर्थात कृत्रिम बुद्धिमता में महारत रखते हैं।इन्होंने योग, विपश्यना एवं ध्यान के क्षेत्र में काफी काम किया है और कई किताबें भी लिखी हैं।

5.पतंजलि- "योग चित्तवृतियों का निरोध है"
महर्षि पतंजलि आज से हजारों साल पहले हुए जिन्हें योगविज्ञान के स्थापक के तौर पर जाना जाता है। उनके द्वारा लिखा गया योगसूत्र योग का आधारभूत ग्रंथ है। पतंजलि के अनुसार शरीर को साधकर मन को भी साधा जा सकता है। वो बिल्कुल वैज्ञानिक ढंग से step by step अपनी बातों को रखते हैं।





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